जनता कर्फ्यू क्या है? 36 घंटे के लिए लोग हो जाएंगे घरों में बंद

जनता कर्फ्यू, देश को कोरोनावायरस के संकट से निकलने का प्रयाश

चीन से निकलकर कोरोनावायरस का खतरा पूरी दुनिया में बढ़ता जा रहा है, जिससे पूरी दुनिया लॉकडाउन की स्थिति में पहुंच गई है। पीएम मोदी ने गुरुवार शाम राष्ट्र को संबोधित किया जिसमें उन्होंने लोगों से 22 मार्च 2020 को  ‘जनता कर्फ्यू’ (Janta Curfew) का आह्वान किया।

कोरोनावायरस का खतरा भारत में तेजी से फ़ैल रहा है। मुख्य कारण है इस संक्रमण का कोई इलाज अभी तक खोजा नहीं  जा सका है। इस संक्रमण से निबटने का तरीका, बचाव ही उपचार है

देश के अनेक राज्यों में संक्रमण से ग्रसित मरीजों के संख्या बढ़ती जा रही है। जिससे जनता को जान का खतरा तो है ही, साथ ही अर्थव्यवस्ता और बच्चों की पढाई पर भी काफी असर देखने को मिल रहा है ।

ऐसे स्तिथि में मोदीजी का देश की जनता से घरो में सुरक्षित रहने ‘जनता कर्फ्यू’ (Janta Curfew) की अपील राष्ट्रहित  के लिए सही और सटीक कदम है ।

जनता कर्फ्यू क्या है और कब है?

जनता कर्फ्यू’ का मतलब है जनता अपने आप को, अपने परिवार और अपने पडोसीओ को घर तक सिमित रखे, बोहत जरुरी होने पर ही घर से बहार निकले।

जब किसी देश में तेजी से संक्रमण फैलने या महामारी के समय सरकार अपने देश की जनता को घरो तक सिमित रहने के सलाह देती है।

यही कारन है की  गुरुवार 19 मार्च  2020 को देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने रविवार 22 मार्च 2020 को  ‘जनता कर्फ्यू’ (Janta Curfew) सहयोग देने का आह्वान किया।

तो इस जनता कर्फ्यू के पीछे का आइडिया शानदार है। यह एक ड्रिल समान होगा, यदि निकट भविष्य में अधिक समय तक की आवश्यकता भी होगी … तो भी हम सभी इसके लिए तैयार है । (ये एक संदेश है। संकल्प है। संघर्ष है। आपदा से लड़ने का।)

36 घण्टे के जनता कर्फ्यू का क्या परिणाम होगा?

यद्यपि एक स्थान पर कारोना वायरस का जीवनकाल 12 घंटे है और जनता कर्फ्यू 36 घंटे के लिए होगा, इसलिए सार्वजनिक क्षेत्रों के स्थान जहां कारोना फैल सकता था, उन स्थानों पर कोई नही होगा , जिससे श्रृंखला टूट जाएगी।

36 घंटे के बाद हमें जो मिलेगा वह एक सुरक्षित देश होगा।

 

22 मार्च 2020 – जनता कर्फ्यू का वैज्ञानिक व आध्यात्मिक अर्थ 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 22 मार्च 2020 को घोषित जनता कर्फ्यू, कोरोना वायरस के विरुद्ध एक अत्यंत ही सूझबूझ भरा वैज्ञानिक और आध्यात्मिक कदम है।

आपने इस बारे में समझने की अगर कोशिश की, तो आप इस कदम में 100% प्रतिशत न केवल साथ देंगे बल्कि जब पूरे मन से और पूरे उत्साह से साथ देंगे तो अविश्वसनीय परिणाम सामने आएंगे।

कोरोना वायरस की उम्र

क्या आप जानते है कि कोरोना वायरस की उम्र अलग अलग परिस्थितियों में कितनी होती है।

कोरोना वायरस अलग अलग परिस्थितियों में 3 से 72 घण्टे तक सक्रिय रह सकता है यानि कि उसकी उम्र इतनी ही है, वो भी अधिकतम 72 घण्टे तक, लेकिन ज़्यादातर 36 घण्टे में ये समाप्त हो जाता है।

अब अगर सरकार पूरे देश को क्वारंटाइन करना चाहे या आइसोलेशन वार्ड में एडमिट करना चाहे तो क्या ये मुमकिन है, बिल्कुल नही।

इसलिए बहुत समझदारी से मोदीजी और उनके सलाहकारों ने रविवार का दिन चुना, जिस दिन सभी देशवासियों को घर पर रोकना आसान है।

अब इसे गौर से समझिए। जब हमें 22 तारीख को सुबह 7 बजे से रात के 9 बजे तक जनता कर्फ्यू के रूप में घर पर रहने के लिए कहा गया है वो भी रविवार को छुट्टी वाले दिन तो इसका साफ मतलब है कि पूरे देशवासियों को 36 घंटे तक क्वारंटाइन में रहने के लिए एक समझदारी भरे निवेदन से मनाना ।

जनता कर्फ्यू के फायदे

क्योंकि हम सब 21 मार्च की शाम या रात से अपने घर आ जाएंगे और पूरी रात घर पर ही रहते हैं जो की जाहिर सी बात ही तो है, फिर अगले दिन सुबह 7 बजे से रात के 9 बजे तक 22 मार्च को जनता कर्फ्यू की वजह से घर पर रहेंगे और फिर उसके बाद फिर घर पर ही सो जाएंगे तो 23 मार्च सुबह जाग कर उठेंगे।

इसका मतलब की 21 मार्च की रात से 23 मार्च की सुबह तक जब हम घर पर ही रहेंगे तो 36 घण्टे का हम अपने आप को घर में क्वारंटाइन निवास ही करेंगे

यानी कि कोरोना वायरस अगर कही है तो उसे, 36 घँटे के इस क्वारंटाइन वास या आइसोलेशन वार्ड जैसी स्थिति के चलते पनपने का माध्यम नही मिलेगा और वो लगभग समाप्त होने की स्थिति में पहुंच जायेगा।

इस प्रकार से पूरा भारत एक वैज्ञानिक प्रयोग के माध्यम से कोरोना को हरा सकने की सशक्त स्थिति में आ जाएगा।

5 मिनट तक धन्यवाद और आभार

दूसरी तरफ जब शाम को 5 बजे, जब लोग अपनी खिड़की या दरवाजे पर खड़े होकर 5 मिनट तक थाली या ताली बजाकर उन लोगो को धन्यवाद देंगे तो ये भी एक आध्यात्मिक प्रयोग ही तो है जिसके माध्यम से प्राणाकर्षण करके कोरोना से लड़ने वालो को सशक्त व सम्बल प्रदान किया जाएगा।

अंग्रेजी में इसे LAW OF ATTRACTION कहते हैं।

तो इस प्रकार श्री नरेंद्र मोदीजी की सरकार अभूतपूर्व सूझबूझ से कोरोना वायरस का जड़मूल से नाश करने का आग्रह कर रही है। इस योजना को समझने और क्रियान्वयन करने की महती आवश्यकता है।

हम सब सावधान रहें और जागरूकता के साथ कदम बढ़ाते हुए इस वैज्ञानिक और आध्यात्मिक योजना को समर्थन देते हुए इसका क्रियान्वयन में दिल से सहयोग दें।

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मनोहर सीरवी हेल्थ एण्ड वेलनेस कोच, पाली
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